अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन शुरू, प्रश्नपत्र नहीं मिलने से बच्चों को हुई परेशानी

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Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर: राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद पटना के दिशा-निर्देशन में शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत सभी प्रारंभिक विद्यालयों में मंगलवार से वर्ग एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं का अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन शुरू हो गया। मूल्यांकन को लेकर विद्यालयों में सुबह से ही बच्चों में उत्साह देखा गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अलग अलग कक्षाओं के लिए विषयवार लिखित एवं मौखिक मूल्यांकन कराया गया। हालांकि इस बार उत्तर पुस्तिका के साथ प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराए जाने से कई विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कुछ विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि पूर्व के वर्षों में विभाग की ओर से प्रश्नपत्र सह उत्तर पुस्तिका मुद्रित कर विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाती थी। इससे बच्चों को प्रश्नपत्र सीधे मिल जाता था और वे आसानी से प्रश्नों को पढ़कर उत्तर लिखते थे। इस वर्ष अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन के लिए केवल उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई गई है। प्रश्नपत्र नहीं मिलने के कारण वीक्षकों को श्यामपट्ट पर प्रश्न लिखकर बच्चों से मूल्यांकन कराना पड़ा। शिक्षकों के अनुसार श्यामपट्ट पर प्रश्न लिखने में समय भी अधिक लगा और छोटे वर्ग के बच्चों को प्रश्नों को पढ़ने तथा समझने में विशेष कठिनाई हुई। इससे मूल्यांकन की प्रक्रिया भी प्रभावित होती दिखाई दी।

मंगलवार को अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन के प्रथम दिन प्रथम पाली में वर्ग एक से आठवीं तक के बच्चों के लिए हिंदी, उर्दू एवं भाषा विषय की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। वहीं द्वितीय पाली में वर्ग छह से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं का विज्ञान विषय का लिखित मूल्यांकन कराया गया। प्रथम पाली में वर्ग एक एवं दो के बच्चों के लिए भाषा विषय में हिंदी एवं उर्दू का मौखिक मूल्यांकन भी कराया गया। विद्यालयों में निर्धारित समय के अनुसार बच्चों को परीक्षा में शामिल कराया गया।

प्रखंड के कुल 125 प्राथमिक, उत्क्रमित एवं मध्य विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन कराया जा रहा है। इन विद्यालयों में कुल 27 हजार 612 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। मंगलवार को आयोजित मूल्यांकन में 24 हजार 118 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा में शामिल होने को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। कई विद्यालयों में बच्चे समय से पहले ही विद्यालय पहुंच गए और अपने सहपाठियों के साथ परीक्षा को लेकर चर्चा करते नजर आए।

मूल्यांकन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रधान शिक्षक सक्रिय रहे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रामजन्म सिंह ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा संचालन, बच्चों की उपस्थिति तथा मूल्यांकन की व्यवस्था का जायजा लिया। विद्यालयों में वीक्षकों द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप मूल्यांकन कार्य कराया गया।

अपने-अपने विद्यालयों में प्रधानाध्यापक एवं प्रधान शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का नेतृत्व किया। इनमें बालमुकुंद सिंह, देवानंद कामत, बिहारी दास, अरुण पासवान, रामनाथ पंडित, सुदर्शन प्रसाद, संतोष कुमार, नीलू कुमारी, अमित मिश्रा, मोहम्मद जैनुद्दीन, मोहम्मद अब्दुल्ला, सरिता कुमारी, संजीत कुमार, नंदन कुमारी, पिंकी कुमारी, प्रमोद पासवान, प्रदीप कुमार, राजकुमार राय, राजकुमार मुखिया, मृत्युंजय कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार राय, प्रकाश कुमार, मदन कुमार, अवधेश कुमार चौधरी सहित अन्य प्रधानाध्यापक एवं प्रधान शिक्षक शामिल रहे।

शिक्षकों ने बताया कि मूल्यांकन का उद्देश्य बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धि का आकलन कर उनकी विषयगत समझ एवं सीखने के स्तर की जानकारी प्राप्त करना है। इसके आधार पर कमजोर विषयों एवं विद्यार्थियों के लिए आगे की शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

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