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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर में मानवबल विद्युत कर्मियों की एकजुटता, विभिन्न मीडिया बंधुओं के सहयोग तथा बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड, पटना के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक की मानवीय पहल के बाद नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पटना द्वारा मानवबल विद्युत कर्मियों को हटाने से संबंधित जारी आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
हालांकि, संघ की ओर से कहा गया है कि उक्त आदेश को पूरी तरह निरस्त किए जाने संबंधी पत्र अब तक जारी नहीं किया गया है। संघ ने इसे आवश्यक बताते हुए लंबित आदेश को पूर्ण रूप से निरस्त करने की मांग की है।
संघ ने इस पहल के लिए सभी सहयोगियों एवं मीडिया बंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के प्रति विशेष धन्यवाद एवं अभिनंदन प्रकट किया।
संघ की ओर से कंपनी की कार्यप्रणाली एवं विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखी गई हैं।


संघ की प्रमुख मांगें
1. विद्युत दुर्घटनाओं में कमी के लिए पर्याप्त मानवबल की व्यवस्था
बढ़ रही विद्युत दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पूर्ववर्ती विद्युत बोर्ड की व्यवस्था के अनुरूप प्रत्येक विद्युत शक्ति उपकेंद्र में प्रत्येक पाली में कम से कम एक ऑपरेटर एवं एक दक्ष श्रमिक, यानी न्यूनतम दो कामगारों की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
2. मानवबल कर्मियों की सुरक्षा एवं आर्थिक हितों की रक्षा: संघ ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मानवबल कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ दुर्घटना की स्थिति में उचित मुआवजा एवं 6 प्रतिशत ऊर्जा भत्ता देने की मांग की है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार की व्यवस्था की तर्ज पर मानवबल कर्मियों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में भेजने तथा एजेंसी के सेवा शुल्क का भुगतान निर्धारित व्यवस्था के तहत करने की मांग भी रखी गई है।


3. क्षेत्रीय लिपिकीय संवर्ग में पदनाम में सुधार
संघ ने एकरूपता, मनोबल एवं सम्मान बनाए रखने के लिए लेखा संवर्ग की तर्ज पर क्षेत्रीय लिपिकीय संवर्ग में कार्यालय अधीक्षक के स्थान पर सहायक प्रशासी पदाधिकारी पदनामित करने की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
4. संचालन एवं संधारण नीति के अनुरूप यार्ड-स्टिक का निर्माण पूर्ववर्ती विद्युत बोर्ड द्वारा निर्धारित संचालन एवं संधारण नीति 1963/1981 के अनुरूप यार्ड-स्टिक का निर्माण करने की मांग की गई है, ताकि विद्युत व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव के लिए पर्याप्त मानवबल उपलब्ध कराया जा सके।


5. सेवाकाल में मृत्यु की स्थिति में दाह संस्कार राशि बढ़ाने की मांग
संघ ने सेवाकाल के दौरान किसी कर्मी की मृत्यु होने की स्थिति में वर्तमान में लागू ₹3,000 की दाह-संस्कार सहायता राशि को बढ़ाकर कम से कम ₹25,000 करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि इन सुधारों को लागू करने से न केवल मानवबल विद्युत कर्मियों का मनोबल एवं सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि राज्य की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक प्रभावी, सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।

*उर्वरक कालाबाजारी और जबरन टैगिंग के खिलाफ किसानों का हल्ला, मेयर एवं जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन – Doorbeen News*





