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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय द्वारा संचालित बीएड (नियमित) का 15वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वर्ष 2012 में शुरू हुए बीएड (नियमित) ने अपनी शैक्षणिक यात्रा के 15 वर्ष पूरे किए। स्थापना दिवस के अवसर पर पौधारोपण, व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में प्रो. अशोक कुमार मेहता, अध्यक्ष छात्र कल्याण सह अध्यक्ष विश्वविद्यालय मैथिली विभाग तथा प्रो. अरुण कुमार सिंह, महाविद्यालय निरीक्षक बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। अतिथियों का स्वागत मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर, कलम एवं पौधा भेंट कर किया गया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया।
शिक्षक के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं : प्रो. मेहता
मुख्य अतिथि प्रो. अशोक कुमार मेहता ने कहा कि शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए पाठ्यचर्या, पाठ्यक्रम और आधारभूत संरचना महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनका प्रभावी उपयोग शिक्षक की भूमिका पर निर्भर करता है। शिक्षक में विषय ज्ञान के साथ शैक्षिक कौशल और नवाचारी सोच भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बीएड (नियमित) पिछले 15 वर्षों से ऐसे शिक्षकों के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है और इस दिशा में संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
विशिष्ट अतिथि प्रो. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि वे स्थापना काल से ही बीएड विभाग से जुड़े रहे हैं और इसकी पूरी यात्रा को करीब से देखा है। उन्होंने विभाग के अनुशासन और नियमितता की सराहना करते हुए कहा कि अब संस्थान को अगले 15 वर्षों के लिए नई योजनाएं तैयार करनी चाहिए।
विभागाध्यक्ष ने गिनाईं उपलब्धियां
विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द कुमार मिलन ने स्वागत भाषण में बीएड (नियमित) की 15 वर्षों की यात्रा का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद शिक्षक और कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए विभाग को आगे बढ़ाया है।
उन्होंने दावा किया कि सीटीईटी और एसटीईटी जैसी परीक्षाओं में विभाग के विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत प्रदेश में बेहतर रहा है। शिक्षक नियुक्ति परीक्षाओं में भी यहां से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों की उपलब्धियां उल्लेखनीय रही हैं।


पौधारोपण के बाद हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
स्थापना दिवस के अवसर पर परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने एकल एवं समूह नृत्य, गायन, मोनो एक्ट और अपने विचार प्रस्तुत किए। पुष्पांजलि, खुशी, अदिति, मनीषा, स्वाति और श्वेता ने नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि अनुपम, समरेश और आकाश पुष्प ने गायन की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. निधि वत्स ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रेशमा तबस्सुम ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन आकाश पुष्प एवं चित्रलेखा ने किया।
इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ. शम्भू प्रसाद, डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र, डॉ. निधि वत्स, डॉ. शुभ्रा, डॉ. कुमारी स्वर्णरेखा, डॉ. उदय कुमार, गोविन्द कुमार, डॉ. रेशमा तबस्सुम, डॉ. श्वेता झा, डॉ. मो. सबिहुर रहमान, डॉ. कन्हैया कुमार पाण्डेय, डॉ. नम्रता पराशर सहित शिक्षकेत्तर कर्मी और बीएड द्वितीय वर्ष एवं पूर्ववर्ती छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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