पंचायत चुनाव की तैयारी: समस्तीपुर में परिसीमन शुरू, 10 सितंबर तक 7,711 ईबी होंगे मार्क

व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें

Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। जिले में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत जिले की सभी पंचायतों की सीमा और आबादी के आधार पर नए सिरे से संरचना तय की जाएगी। 10 सितंबर तक सभी पंचायतों में ईबी (प्रगणक ब्लॉक) मार्क करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिला पंचायती राज पदाधिकारी विष्णु देव मंडल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी बीडीओ और बीपीआरओ को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ईबी मार्किंग का काम पूरा किया जाए। जिले में वर्तमान में 7,711 प्रगणक ब्लॉक हैं, जिनका परिसीमन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

8 हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों की बदलेगी सीमा, नई पंचायतें बनेंगी

परिसीमन का आधार वर्ष 2011 की जनगणना को बनाया गया है। पंचायतों की आबादी और भौगोलिक सीमा को ध्यान में रखते हुए चौहद्दी निर्धारित की जाएगी। जिन पंचायतों की आबादी 8 हजार से अधिक है, उनके परिसीमन के बाद आवश्यकता के अनुसार हिस्से अलग कर नई पंचायतों के गठन का रास्ता साफ होगा।

डीपीआरओ ने सभी अधिकारियों को पंचायतों की चौहद्दी की इंट्री भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत करने का निर्देश दिया है। यह इंट्री भी 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही की जाएगी। यानी पंचायत की आबादी, क्षेत्र और सीमा को लेकर उस समय के आधिकारिक आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा।

वर्तमान में समस्तीपुर जिले में 346 पंचायतें हैं। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायतों की संख्या में बड़ा बदलाव होने की संभावना है। विभागीय स्तर पर यह संख्या करीब 500 के आसपास पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

परिसीमन के बाद तय होगा आरक्षण, चुनावी समीकरण भी बदलेंगे

पंचायतों के परिसीमन के बाद नए पंचायतों का गठन किया जाएगा। इसके बाद पंचायतवार आरक्षण का फार्मूला तय होगा। यानी कौन-सी पंचायत किस आरक्षण श्रेणी में आएगी, इसका निर्धारण परिसीमन के बाद ही किया जाएगा।

ऐसे में परिसीमन की प्रक्रिया का आगामी पंचायत चुनाव पर सीधा असर पड़ेगा। पंचायत की सीमा और आबादी बदलने के साथ कई क्षेत्रों का भौगोलिक स्वरूप बदल सकता है। नई पंचायतें बनने पर नए चुनावी क्षेत्र भी अस्तित्व में आएंगे। इसके बाद आरक्षण तय होने से संभावित प्रत्याशियों की चुनावी रणनीति भी प्रभावित होगी।

प्रशासन की ओर से फिलहाल अधिकारियों को ईबी मार्किंग और पंचायतों की चौहद्दी की इंट्री का काम समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया है। परिसीमन के बाद ही जिले में पंचायतों की नई तस्वीर स्पष्ट होगी और उसके आधार पर आगे की चुनावी प्रक्रिया को गति मिलेगी।

*मटका फोड़ में देकुली धाम की टीम ने मारी बाजी, संघा टीम रही उपविजेता – Doorbeen News*

मटका फोड़ में देकुली धाम की टीम ने मारी बाजी, संघा टीम रही उपविजेता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *